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योजना

वसीयत में बदलाव करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

नई वसीयत बनाते समय व्यक्ति को पहले की वसीयत (तारीख के साथ) के बारे में उल्लेख करना चाहिए.

आपके बच्चे को पता होनी चाहिए रुपये-पैसे से जुड़ी ये 9 बातें

पता करें कि बच्चा वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करता हो और उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पॉकेट मनी से बचत करने में सक्षम हो.

रिटायरमेंट प्लानिंग की इन 3 चुनौतियों से कैसे निपट सकते हैं आप?

बचत अच्छी है और उसे रिटायरमेंट तक नहीं छूते हैं तो आपके पास बाद में मोटी रकम होगी.

डेढ़ लाख रुपये मास‍िक आय वाले दंपति को कैसे बनाना चाहिए फाइनेंशियल प्लान?

फाइनेंशियल प्लानिंग करने में कई पहलुओं काे ध्यान में रखने की जरूरत होती है. इसमें चूक से लक्ष्य खतरे में पड़ सकते हैं.

क्यों 40 का होने पर बचत और कमाई का हिसाब लगाना है जरूरी?

हममें से ज्यादातर के लिए मुख्य वित्तीय लक्ष्य पर्याप्त आमदनी तक पहुंचना है. करियर में एक वक्त ऐसा भी आता है जब आप अपनी कमाई से संतुष्ट होते हैं.

सिंगल मदर को रुपये-पैसे की प्लानिंग कैसे करनी चाहिए?

अपने पर्सनल फाइनेंस की पूरी रणनीति को कहीं लिखकर देखना चाहिए. इसके तहत एसेट और इनकम की पूरी लिस्ट तैयार करनी चाहिए.

पहले होम लोन चुकाएं या निवेश करें? जवाब जानकर हैरान रह जाएंगे आप

समय के साथ आपकी इनकम बढ़ती है. आप पाते हैं कि शुरू में बनाई गई योजना से अधिक लोन आप वापस कर सकते हैं.

एक लाख रुपये मास‍िक आय वाले व्यक्ति को कैसे बनाना चाहिए फाइनेंशियल प्लान?

फाइनेंशियल प्लान बनाने में तमाम तरह के पहलुओं को ध्यान में रखने की जरूरत होती है.

बढ़ते खर्च के दबाव से निपटने के लिए अपनाएं ये उपाय

राहुल जैन :इनकम बढ़ने के साथ खर्चों का बढ़ना लाइफस्टाइल इंफ्लेशन कहलाता है. इस महंगाई के कई तरह के साइड इफेक्ट हैं. यह लंबी अवधि में पैसा बनाने पर अंकुश लगाती है. यह जरूरी खर्चों को भी बढ़ाने का काम करती है. इस तरह आप आर्थिक रूप से आजाद नहीं हो पाते हैं. कामकाजी वर्ग में 47 फीसदी युवा आबादी इस तरह की महंगाई के लपेटे में ज्यादा आ सकती है. कारण है कि युवा तुरंत अपनी जरूरतों को पूरा करने के बारे में सोचते हैं.

इस दिवाली रुपये-पैसे के मामलों में इन 6 गलतियों से बचें

निवेश में हीला-हवाली करना सही नहीं है. जिस दिन से आप नौकरी शुरू करते हैं, उसी दिन से निवेश की शुरुआत कर देनी चाहिए.

इनकम के साथ बढ़ रहे हैं लाइफस्टाइल के खर्च तो ऐसे करें काबू

बेशक, इनकम बढ़ने से खुशी होती है. लेकिन, लक्ष्यों को जोखिम में डालकर इसका जश्न मनाना समझदारी नहीं है.

₹55,000 मास‍िक आय वाले दंपति को कैसे बनाना चाहिए फाइनेंशियल प्लान?

लक्ष्यों के लिए निवेश से पहले हर छोटी बड़ी बात को ध्यान में रखकर चलना चाहिए.

रिटायरमेंट के लिए 20 साल में एक करोड़ रुपये जुटाने हैं, कहां निवेश करूं?

निवेश की शुरुआत जितनी जल्दी कर दी जाए, उतना अच्छा है. इससे लक्ष्यों को पाने में मदद मिलती है.

अधिक आय बड़ी संपत्ति का मालिक बनने की गारंटी नहीं है, जानिए क्यों

कुछ लोग ज्यादा कमाने पर भी महीने के अंत में खाली हाथ रहते हैं. बचत के नाम पर उनके पास कुछ नहीं रहता है.

रिटायरमेंट के लिए 18 साल में 8.2 करोड़ रुपये जुटाने हैं, कैसे प्लानिंग करूं?

लक्ष्यों के लिए निवेश से पहले हर पहलू को ध्यान में रखना चाहिए. एडवांस प्लानिंग इसमें काफी मददगार साबित होती है.

नवविवाहित दंपति ऐसे बना सकते हैं खर्च और बचत का प्लान

सबसे पहले अपने खर्चों का ठीक-ठीक अनुमान लगाना होगा. फिर उसी के अनुसार प्लान तैयार करने की जरूरत होगी.

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